शेरवानी, कुर्ता, सूट
शेरवानी, कुर्ता, सूट — कटा, सिला, फ़िनिश हुआ, गिना गया।
जेंट्स का कारख़ाना तारीख़ों पर चलता है: दुकान की भेजने की तारीख़, कारीगर के दिन, कढ़ाई वाले की वापसी। Silaikar तीनों एक कार्ड पर दिखाता है और बताता है कि सबसे पहले कौन-सी तारीख़ निकलेगी।
तीन स्क्रीन। बस।
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मेरा कामहर कारीगर का अपना कार्ड — तस्वीर से, पढ़ना नहीं। हो गया तो एक टैप।
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मेरी गिनतीटैग स्कैन किया, गिनती बढ़ गई। हफ़्ते भर का हिसाब सामने।
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हफ़्ते की मज़दूरीहफ़्ते का हिसाब अपने आप। पक्की करें, पर्ची कारीगर के WhatsApp पर।
आपके फ़्लोर पर
- भेजने की तारीख़ दुकान की है; शुरू करने की तारीख़ आपकी; कार्ड पर दोनों दिखती हैं।
- हर बार जब कपड़ों का बैग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को सौंपा जाए—कटिंग मास्टर से सिलाई करने वाले कारीगर तक और फिर फिनिशिंग करने वाले कारीगर तक—तो बैग के टैग को स्कैन करें। इससे गिनती अपने आप अपडेट हो जाएगी और किसी को भी हाथ से कुछ लिखने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
- जो कारीगर तीन दिन नहीं आया, उसके कार्ड रुके हुए दिखते हैं।
- हर आदमी की मज़दूरी पीस से, दिहाड़ी से, या दोनों से।
पहला साल सबके लिए मुफ़्त।
पाँच कारीगर तक हमेशा मुफ़्त। जो वर्कशॉप सबसे पहले Silaikar पर चलेंगी, उनके लिए हमेशा मुफ़्त।
यह बाज़ार नहीं है।
हम आपको किसी से नहीं मिलवाते, कहीं लिस्ट नहीं करते, आपका नंबर किसी को नहीं देते। आपके ग्राहक आपके रहते हैं।
शुरू कैसे करें
admin@silaikar.com पर लिखिए
सवाल
मेरे मास्टरजी पूरा काम अपने दिमाग से संभालते हैं।
वह आज भी वैसे ही काम करते हैं। कार्ड उनकी लिस्ट हैं और वह किसी का चेहरा टैप करके उसे काम दे देते हैं।
हम कई दुकानों का काम करते हैं।
हर दुकान के कार्ड का अपना रंग है; हर दुकान सिर्फ़ अपने कार्ड देखती है।
क्या दुकान मेरी मज़दूरी देखती है?
कभी नहीं।